मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला, कश्मीर में धारा 370 का असर खत्म

मोदी सरकार के काम करने का तरीका पिछली सभी सरकारों से काफी अलग हैं । जम्मू-कश्मीर को लेकर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठा दिया हैं । अब जम्मू कश्मीर केन्द्र शासित प्रदेश बन गया हैं साथ ही घाटी को धारा 370 के जरिए जो विशेषाधिकार मिले हुए थे वह भी खत्म हो गए हैं । इसके अलावा केंद्र सरकार ने लद्दाखको जम्मू-कश्मीर से अलग कर दिया हैं यानी लद्दाख अब एक अलग राज्य होगा ।

आज राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने का ऐलान किया । इस ऐलान के बाद सदन में कांग्रेस जोरदार हंगामा कर रही हैं । सरकार ने सुरक्षा को अहमियत देते हुए अपना फैसला सुनाने से पहले ही जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती बढा दी थी । ये ही नहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को नजरंबद कर दिया गया था ।

आज मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में ये पहला बडा फैसला लिया जिसकी भनक किसी को नहीं लगी थी लोग बस कयास ही लगाते रहे । दरअसल मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का ऐलान कर दिया हैं ।

बता दें पिछले 11 दिनों से मोदी सरकार कश्मीर को लेकर किसी बडे फैसले की तरफ बढ रही थी । सबसे पहले 26 जुलाई को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल कश्मीर के दौरे पर गए, तभी कश्मीर को लेकर बडे फैसले के संकेत मिले ।

सरकार के इस फैसले के बाद कई जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का रिएक्शन आया और उन्होने आज भारतीय लोकतंत्र में सबसे काला दिन बताया । उन्होने कहा आज का दिन भारतीय लोकंतत्र के लिए सबसे काला दिन हैं । जम्मू-कश्मीर के नेतृत्व को 1947 में टू नेशन थ्योरी को खारिज करने का नुकसान उठाना पडा हैं । सरकार का 370 को हटाने का एकतरफा फैसला गैरकानूनी और असंवैधानिक हैं । ये भारत को जम्मू-कश्मीर में अधिकृत ताकत बना देगा ।

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