बायोटिन में छिपा है ग्लोइंग स्किन और खूबसूरत बालों का खजाना

हम प्रतिदिन अपने आहार में विटामिन्स, प्रोटीन्स, कार्बोहाइड्रेट्स आदि को लेते हैं ऐसा हम इसलिए करते हैं ताकि हम अपने शरीर में किसी भी प्रकार की कोई कमी न होने दें । अगर आप अपने स्वास्थय का ध्यान रखते है तो आपकों शायद  B-Complex Vitamins  के बारे में जरूर पता होगा कि यह हमारी सुंदरता को निखारने और मेटाबाॅलिज्म को बनाने मे कितना मददगार साबित होता है ।

वैसे तो बायोटिन की कमी मनुष्य शरीर में होती नहीं है मगर इसकी मात्रा अगर शरीर को पूर्ण रूप से नहीं मिलेगी तो इसका असर हमारे बालों और त्वचा पर पडेगा । बायोटिन का मुख्य काम हमारे बालों और त्वचा की सेल्स को सुरक्षित रखना होता है ।

बायोटिन जिसे विटामिन H या विटामिन बी7 के नाम से भी जाना जाता हैं । आइए देखते है कि बायोटिन की कमी की वजह से हमारे शरीर में क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं, हम बायोटिन किन-किन चीजों से प्राप्त कर सकते उसके क्या फायदे और नुकसान हो सकते हैं ।

बायोटिन की कमी के लक्षण

1. मासंपेशियों में खिचाव और दर्द रहना ।

2. त्वचा में खुजली, जलन और चिडचिडाहट होना ।

3. पाचन तंत्र का ठीक से काम नहीं करना जैसे पेट में एसिडिटी या कब्ज का होना ।

4. बालों का तेजी से झडना या पतला हो जाना ।

5. याददाश्त कमजोर हो जाना ।

6. मूड स्विंग की समस्या होना ।

7. थकावट का अनुभव करना ।

बायोटिन के स्त्रोत – प्राकृतीक रूप से भी हम बायोटिन प्राप्त कर सकतें हैं जैसे बायोटिन अखरोट, मूंगफली, बादाम, फुलगोभी, हरे ताजे मटर, सूरजमुखी के बीज, मसूर की दाल, केला, जौ, चावल, गाजर, हरी पत्तेदार सब्जियां, नाश्ते में अंडे, उबले हुए चिकन के द्वारा, टमाटर और मशरूम इत्यादी ।

बायोटिन की कितनी डोज लेनी चाहिए यदि आप बायोटिन को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं तो ध्यान रखे कि वयस्कों के लिए 30 एमसीजी और किशोरों के लिए 25 एमसीजी डोज लेना काफी है ।

बायोटिन के फायदे

1. बायोटिन लेने से मांसपेशियों और टिश्यूज की समस्या से राहत देता हैं ।

2. वजन घटाने में सहायक है बायोटिन ।

3. मधुमेह में लाभकारी ।

4. बायोटिन स्किन को ग्लोइंग और झुर्रिया को मिटाने में सहायक है ।

5. त्वचा की हीलिंग करता हैं ।

6. मस्तिष्क को मजबुत बनाता हैं ।

7. इन्फ्लेमेशन की समस्या से राहत देता हैं ।

8. बायोटिन की सही मात्रा गर्भवती महिला के लिये काफी फायदेमंद है क्योकि बायोटिन भ्रुण के विकास के लिए सहायक है ।

9. हदय की समस्याओं का समाधान है बायोटिन के पास ।

10. क्रोमियम और बायोटिन का मिला हुआ रूप शरीर में ब्लड कोलेस्ट्राॅल के स्तर को कम कर देता है ।

बायोटिन के नुकसान

1. गर्भावस्था में है नुकसानदेह – जैसा कि हम जानते हैं कि गर्भावस्था के दौरान महिला के शरीर में बायोटिन की पर्याप्त मात्रा होना अनिवार्य है । लेकिन यदि गर्भवती महिला के शरीर में बायोटिन की अत्यधिक मात्रा हो जाए तो वो उसके शिशु को काफी नुकसान पहुंचा सकती हैं ।

2. डायरिया का खतरा – जो लोग बायोटिन के सप्लिमेंट्स की अत्यधिक मात्रा लेते हैं उनको डायरिया का खतरा बना रहता है । बायोटिन की अत्यधिक मात्रा शरीर की पाचन क्रिया को प्रभावित कर सकती हैं ।

3. एलर्जी की संभावना बनी रहती है – अक्सर देखा गया है कि जल्दी-जल्दी फायदा प्राप्त करने के लिए लोग बायोटिन की भारी डोज लेना शुरू कर देते है जिसके कारण शरीर में एलर्जी की समस्या पैदा हो सकती है ।

4. अगर आप कोलेस्ट्राॅल कम करने वाली दवाई ले रहे हैं तो ऐसे में आपकों इस बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि आप बायोटिन संतुलित मात्रा ही ले ।

5. अगर आप बायोटिन की एक भारी मात्रा ले रहे हैं तो आपको फौरन सतर्क हो जाना चाहिए । बायोटिन की भारी मात्रा श्वसन तंत्र में कई तरह की समस्यांए पैदा कर देती है ।

6. बायोटिन वैसे तो मोटापे को कम करने में मददगार है लेकिन इसकी ज्यादा मात्रा शरीर में उल्टा असर कर सकती हैं ।

7. मधुमेह से पीडीत व्यक्तियों को बायोटिन के अतिरिक्त सेवन से बचना चाहिए क्योंकि यह शरीर में ग्लूकोज और फैटी एसिड्स के उत्पादन को बढावा देता है ।

हां ये सही है कि इसकी अत्यधिक मात्रा से उपरोक्त समस्यांए हो सकती है लेकिन हमें किसी अफवाह या वहम से बचते हुए इसकी सही मात्रा लेनी चाहिए । यदि आप संतुलित मात्रा में डोज ले रहें है तो आपकों किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी ।

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