भारतीय वायुसेना में शामिल हुए 8 लडाकू हेलिकाप्टर, बढेगी IMF की मारक क्षमता

भारतीय वायूसेना की ताकत बढाने के लिए आज 8 अपाचे AH-64E लडाकू हेलिकाॅप्टर शामिल हो गए । अब हिंदुस्तान को आंख दिखाने से पहले दुश्मन दस बार सोचेगा । आज सुबह वायूसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ की मौजूदगी में पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर 8 अपाचे हेलिकाॅप्टर को शामिल कराया गया । ये वही पठानकोट एयरबेस है जहां पर 2016 में पाकिस्तान से आए आंतकियों ने हमला किया था ।

बता दें कि 60 फूट उंचे और 50 फुट चौडे अपाचे हेलिकाॅप्टर को उडाने के लिए 2 पायलट होने जरूरी हैं । अपाचे हेलिकाॅप्टर के बडे विंग को चलाने के लिए 2 इंजन होते हैं, इस वजह से इसकी रप्तार बहूत ज्यादा हैं । 2 सीटर इस हेलिकाॅप्टर में हेलिफायर और स्ट्रिंगर मिसाइलें लगी हुई हैं ।

इसमें एक सेंसर भी लगा हैं, जिसकी वजह से ये हेलिकाॅप्टर रात में भी ऑपरेशन को अंजाम दे सकता हैं । इस हेलिकाॅप्टर की अधिकतम स्पीड 280 किलोमीटर प्रति घंटा हैं । अपाचे हेलिकाॅप्टर का डिजाइन ऐसा है कि इसे रडार पर पकडना मुश्किल होता हैं ।

अमेरिका निर्मित ये अपाचे हेलिकाॅप्टर AH-64E दुनिया का सबसे एडवांस मल्टी रोल काॅम्बेट हेलिकाॅप्टर है । भारत और अमेरिका के बीच सितंबर 2015 में एक बडी डील हुई थी जिसके तहत 22 हेलिकाॅप्टर भारत को मिलने वाले हैं । इससे पहले 27 जुलाई को 4 हेलिकाॅप्टर मिल चुके हैं ।

हथियारों से लैस और तेज गति से उडान भरता अपाचे हेलिकाॅप्टर जमीन से होने वाले तमाम हमलों का जवाब दे सकता हैं । अपनी मिलीमीटर वेव रडार की मदद से यह हथियारों से लैस दुश्मनों की मौजूदगी का पता लगा सकता हैं और उन्हें लेजर गाइडेड हेलफायर मिसाइल, हाइड्रा-70 एंटी आर्मर राॅकेट और 30 मिमी गन से बर्बाद कर सकता हैं ।

यह हेलिकाॅप्टर थर्मल इमेजिंग सेंसर का इस्तेमाल करके छिपे आतंकवादियों का भी पता लगा सकता है और आतंकियों से अपनी 30MM गन या एंटी पर्सनल राॅकेट्स से निपट सकता हैं ।

भारत को इस वक्त दो तरफ से मुश्किलों का सामना करना पड रहा है, एक तरफ पाकिस्तान लगातार कश्मीर को लेकर भारत को धमकी दे रहा है तो दूसरी ओर उसका चीन भी साथ दे रहा हैं । अब भारत इन्हीं मोर्चों के लिए हर तरह से तैयार हो रहा है ताकि समय आने पर दुश्मन के दांत खटटे कर सकें ।

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